शुक्रवार, 1 मई 2015


एक बाग़ी का ब्यान 




अरुण शौरी एक ऐसा नाम और व्यक्तित्व जो परिचय का मोहताज़ नहीं है जो अटल बिहारी वाजपेयी सरकार के दौरान सबसे प्रभावशाली भाजपा विचारकों में से एक, राजग सरकार के दौरान विनिवेश, संचार और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के नेतृत्व में और भारत की अर्थव्यवस्था पर सबसे प्रमुख आवाजों में से एक माना जाता है। 

शुक्रवार को अरुण शौरी ने मोदी सरकार की पहली वर्षगांठ पर हेडलाइंस टुडे के करण थापर के साथ एक विशेष साक्षात्कार में भाजपा अध्यक्ष अमित शाह और वित्त मंत्री अरुण जेटली की 'त्रिमूर्ति' (त्रिमूर्ति) की संज्ञा दी जो पार्टी चल रही है। "भारतीय जनता पार्टी के सदस्यों भयभीत है और विपक्ष नाराज है" श्री शौरी ने श्री नरेन्द्र मोदी पर आरोप लगाया की उन्होंने भारतीय अर्थव्यवस्था को ख़राब तरीके से संचालित किया है तथा बीजेपी के सहयोगी संगठनो के द्वारा अल्पसंख्यको पर और उनके संस्थानों पर हुए संगठित हमलो पर मोदी की उदासीनता चिन्ता का कारण है। 

शौरी यही नहीं रुके वे कहते है कि मोदी के विकास के सारे दावे झूठे है मुद्रास्फीति, राजकोषीय घाटा, विदेशी प्रत्यक्ष निवेश में वृद्धि हुई है, डे-विनियमन डीजल या कोयला और स्पेक्ट्रम की नीलामी सहित मोदी सरकार की उपलब्धियों की सूची को खारिज कर दिया। शौरी ने भी मोदी को अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के साथ अपनी बातचीत के दौरान पहने गये विवादास्पद मोनोग्राम पिन धारीदार सूट पर भी सवाल उठाये। "यह अकथनीय है और समझ से बाहर है और एक बड़ी गंभीर गलती थी," शौरी ने कहा। तुम गांधी के नाम लेते हो और १० लाख का सूट पहनते हो, उन्होंने कहा।