शुक्रवार, 18 सितंबर 2015

साइबर बुलीइंग क्या है

साइबर बुलीइंग क्या है


साइबर बुलीइंग क्या है आसान शब्दों में यह इंटरनेट पर गुण्डागर्दी के सिवा कुछ नहीं है और इसकी ज़द में आये लोग उसी प्रकार परेशान हो जाते है जैसे मोहल्ले का गुण्डा रोज़ाना किसी व्यक्ति विशेष को सुबह-शाम आते जाते छेड़े, उसका चरित्र हनन करे और उसके विषय में झूठी, मनगढ़ंत अफवाहों को प्रचारित करे यह सब जब इंटरनेट और सोशल मीडिया के माध्यम से होता है तो उसे इंटरनेट बुलीइंग कहते है जो वास्तविक गुंडागर्दी से अधिक प्रभावी होता है और असहनीय भी यह भी देखने सुनने में आता है की कमज़ोर लोग इस बुलीइंग से तंग आकर आत्महत्या तक कर लेते है

आज युवा पहले से कहीं ज्यादा इंटरनेट का उपयोग कर रहे हैं और ज्यादातर इसका उपयोग घर से किया जाता है स्कूलों में इंटरनेट के प्रयोग अध्यापक की निगरानी में होता है आज इंटरनेट ने हमारे नित्य-प्रतिदिन के कार्यो और दिनचर्या में इतनी पैठ जमा ली है की यदि किसी कारण सर्वर डाउन हो और इंटरनेट बन्द हो जाये तो अधिकांश युवा/आप आदमी असहज हो जाता है बच्चो के सारे पाठ्यक्रम, अध्यन सामग्री होम वर्क सभी ईमेल के माध्यम से प्राप्त होता है यह तक की कई बच्चों ट्यूशन भी ऑनलाइन लेते है सवालो के जवाब, स्कूल के प्रोजेक्ट के काम भी कंप्यूटर और इंटरनेट के माध्यम से ही सम्पन होता है इंटरनेट बस के अनुसंधान के लिए एक सुविधाजनक तरीका या एक मजेदार आफ्टरस्कूल गतिविधि नहीं है - यह उनके सामाजिक जीवन का एक बड़ा हिस्सा है लेकिन कई अन्य सामाजिक स्थितियों की तरह, कुछ बच्चे एवं युवा ऑनलाइन धमकाने चरित्र हनन, अपने सहपाठियों की अश्लील चित्र डाल कर उन्हें परेशान करने में भी आनन्द की अनुभूति प्राप्त करते है जो साइबर बुल्लिंग का निराशाजनक पहलु भी है उससे बचने के लिये राज्य एवं केंद्र सरकार ने साइबर सेल का गठन किया है परन्तु अफ़सोस के साथ कहना होगा की वह इनता प्रभावी नहीं है जितना होना चाहिये

ऑनलाइन धमकाने के कुछ साधारण तरीके जिसके द्वारा बच्चे / युवा / वा असामाजिक तत्व किसी व्यक्ति विशेष के साथ साइबर बुलीइंग को अपना साधन बनाते है:

* ईमेल, त्वरित संदेश, या पाठ संदेश
* नकली ईमेल ID या सोशल मीडिया की ID से झूठी और भ्रम की स्थिति पैदा करना
* व्यक्ति विशेष का ईमेल/सोशल मीडिया एकाउंट हैक कर आपत्तिजनक तथ्य डालना ताकि   व्यक्ति
  विशेष को अपमानित होना पड़े तथा उसकी सामाजिक प्रतिष्ठा को  नुक्सान पहुंचे
* फोटोशॉप का प्रयोग कर व्यक्ति विशेष का चरित्र हनन करना
* ऑनलाइन या टेक्स्ट संदेशो के माध्यम से अफवाहें फैलाना
* सामाजिक नेटवर्किंग साइटों या वेब पन्नों पर हानिकारक या धमकी भरे संदेश की पोस्टिंग करना

साइबर बुलीइंग के प्रभाव

साइबर धमकी के शिकार लोग अपने को समाज से अलग-थलग पड़ने लगते है उनके पास इस समस्या से निपटने के कारगर उपाय नहीं सुझते अक्सर वह उन्हें अपने आत्मसम्मान में गिरावट की अनुभूति होती है, उनके अवसाद में जाने का ख़तरा बढ़ जाता और यह भी देखा गया है की वह अवसाद की स्थिति में आत्महत्या तक कर लेते है


साइबर बुलीइंग के बचाव का कोई कारगर तरीका मेरी नज़र में नहीं आया परन्तु यह आवश्यक है की समस्त आपत्तिजनक टेक्स्ट और सामग्री को सेव कर अपने शहर क़स्बे और करीबी पुलिस के साइबर सेल से संपर्क करे और बेझिझक समस्त जानकारी से अवगत करवाये मुजरिम तक पहुचने का असरदार तरीक़े मौजूद है और साइबर बुलीइंग की समस्या से नजात पाई जा सकती है



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